STORYMIRROR

लोगों के...

लोगों के झूठे नकाब से टूट चुकी हूं, अपनी आंचल में छुपा लो ना "मां", रात को अकेलापन से नींद नहीं आती हैं, मुझे अपनी गोद में सुला लो ना "मां"| @khanak upadhyay

By Khanak Upadhyay
 292