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काश! अपने...

काश! अपने से इस शहर में अपना भी एक घर होता जहां मैं पहर-दोपहर चैन से सोता चाहत नहीं मुझे किसी बड़े आशियाने की बस कोशिश है छोटा सा घरौंदा बनाने की ।

By Lokriti Gupta
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