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जल बुझे सब...

जल बुझे सब ख्वाब मेरे राख सा कुछ बच गया है भरकर मुट्ठी फेंक आयी आज खुद को आसमां में जल गयी हूँ मैं भले ही हौसला बांकी बहुत है।।

By Shweta Jha
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