STORYMIRROR

जब लाख...

जब लाख समझाने पर भी कोई न समझना चाहे तो उसे वक़्त पे छोड़ दो। वक़्त की ठोकर उसे खुद समझा देगी।

By Nilofar Farooqui Tauseef
 2438