STORYMIRROR

हर जगह ही...

“ हर जगह ही आज पैसे की झन्कार है झूठा व्यक्ति ही आजकल साहूकार है आज सच बिक जाता है चंद पैसो से, आज पैसे से सच हो गया लाचार है दिल से विजय ”

By Vijay Kumar parashar "साखी"
 339