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दिल की...

दिल की स्याही से आत्मा के कागज पर लिखा है तेरा नाम कैसे मिटाएं उसका नाम जिसे चाहा है हर दिन हर शाम चाहूंगी मैं तुम्हें हर पल चाहे अब जो हो अंजाम बसे हो तुम मेरे रोम रोम में तुम हो मेरे दिल के राम

By मधु त्रिवेदी
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