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बोझ कितना...

बोझ कितना ही वो उठाते हैं पूरे घर को वो ही चलाते हैं कभी करते नहीं शिकायत वो मेरे पापा तो बस हँसाते हैं ज़ीनत अहसान मुम्बई

By Shayra Zeenat ahsaan
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