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ऐ इन्सान तू...

ऐ इन्सान तू अज्ञान के अँधियारे को जरा मिटा दे, पाखंड अंधविश्वास के आवरण को तू जरा हटा दे।। स्व-रचित व मौलिक:- मास्टर भूताराम जाखल

By Bhuta Ram
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