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आजकल के...

आजकल के बालकों का ज्ञान सिर्फ मोबाइल और नेट तक सीमित है नाना नानी दादा दादी को तो बच्चे भूल गए हैं उनके साथ बैठना उनके लिये समय का व्यर्थ होना हो गया है आजकल के बच्चों का मनोविज्ञान बदल गया है

By Hitesh Panwar
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