ऑंसू सारे बह गए, जैसे सरिता सोख ऑंसू सारे बह गए, जैसे सरिता सोख
वही काग़ज़ था वही थे पन्ने जिन्होंने सोख लिया था उस वक़्त मेरा भीगा मन वही काग़ज़ था वही थे पन्ने जिन्होंने सोख लिया था उस वक़्त मेरा भीगा मन