मैं रमा रहूं नित्य तेरे आनंद रूप में, चिन्मय व्यापार बना बना रहूँ तुम्हारा। मैं रमा रहूं नित्य तेरे आनंद रूप में, चिन्मय व्यापार बना बना रहूँ तुम्हारा।