बद्दस्तूर रूह को संवारना और शुकराना वाहिद है ज़रिया ज़िन्दगी में खुशहाल का। बद्दस्तूर रूह को संवारना और शुकराना वाहिद है ज़रिया ज़िन्दगी में खुशहाल का।