रो रही है धरती देखो,माटी रक्त से लाल है। अत्याचारी नक्सली,बिछाया कैसा जाल है। रो रही है धरती देखो,माटी रक्त से लाल है। अत्याचारी नक्सली,बिछाया कैसा जाल है।