हरक़तें जब से हुई हैं तेरी तालीबान सी, ज़िन्दगी मेरी बना डाली है ये अफ़ग़ान सी। हरक़तें जब से हुई हैं तेरी तालीबान सी, ज़िन्दगी मेरी बना डाली है ये अफ़ग़ान सी।