मैं लिखा जाऊं इस जग के झूठ और हकीकत से। मैं लिखा जाऊं इस जग के झूठ और हकीकत से।
दृढ़ निश्चय नहिं होत बिन किये प्रेम अनुकूल दृढ़ निश्चय नहिं होत बिन किये प्रेम अनुकूल