STORYMIRROR

Akash Deep Chauhan

Others

2  

Akash Deep Chauhan

Others

ज़िन्दगी भर

ज़िन्दगी भर

1 min
121

ज़िन्दगी भर यूँ हीं खफा रहे

कभी किस्मत को कोसा,

कभी वक़्त को

माँ ने मंदिर मंदिर जाके

मेरी सलामती की दुआ की


ज़िन्दगी भर यूँ हीं तलाशते रहे

कभी चाँद सितारों में,

कभी किताबों में

माँ की मुस्कुराती आँखो में

हर एक रब की जगह थी


माटी का खिलौना था,

हीरे का समझ बैठा

एक पल में पराया हो गया,

वक़्त की अदा थी


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन