STORYMIRROR

Raman Sharma

Others

2  

Raman Sharma

Others

युद्ध का ऐलान

युद्ध का ऐलान

1 min
289

वो मनहूस दिन की भोर थी,

हवा बड़ी घनघोर थी।

वो एक नए तूफान की आहट थी, 

माहौल में बड़ी झटपटाहट थी।


पश्चिम का वो रण था,

एक योद्धा का वो प्रण था।

योद्धा के मन में क्रोध था,

प्रण में भी उसके प्रतिशोध था।


तूफान युद्ध का आने वाला था

जो मानवता को निगल जाने वाला था।

कुछ वक्त बाद संसार होने वाला दंग था,

क्योंकि यह हिटलर का ऐलान-ए-जंग था। 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन