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Sanaya Nayak

Others

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Sanaya Nayak

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वीर जवान

वीर जवान

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वो आतिश में तू जले 

वो आतिश ही भभक उठे 

वो गर्व की दहाड़ है

वो लड़ने को तैयार है

जब मातृ भूमि पे प्रहार है

वो जंग की ललकार है 

फिर जीत का इंतजार है 

जब दुश्मनों की हार है।

वो शन की पुकार है

वो जीत का इजहार है 

जब दुश्मनों की हार है।

वो देश के लिए प्यार है

वो मर मिटने को तैयार है

वो जुनून का इख्तियार है

वो फख्र रूह में सवार है

वो जीत का इजहार है 

जब दुश्मनों की हार है।

वो हर सुख भूल आया है

वो अपनों को छोड़ आया है

वो हर कठिन इम्तेहान पार कर आया है

वो भारत मां की रक्षा करने की प्रतिज्ञा से आया है 

वो जीता का इजहार हैजब दुश्मनों की हार है ।

वो रण भूमि में हाज़िर है

वो शौर्य गर्व का साहिल है 

उसकी तो बस यही चाहत है

तिरंगा हो मेरा कफ़न 

बस यही सब वीरो की इबादत है।


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