तन्हा आए हैं तन्हा जाना है
तन्हा आए हैं तन्हा जाना है
1 min
23
तन्हा आए हैं तन्हा जाना है
आखिर इस दुनिया में किसको सताना है
कभी कभी सोचता हूं कि मोहब्बत कर लूँ
मगर फिर याद आता है कि मतलब का ज़माना है
बिना मतलब के यहां कोई किसी से बात नहीं करता
और आप दिल देने आए हैं?
छोड़िए दिल का समझाना है।
वो बैठे हैं तो पास हमारे
मगर हमें फिर भी घर ही को जाना है
वो देखते तो हैं हमें तिरछी नज़रों से
मगर ये बात अलग है कि उन्हें खौफ - ए - ज़माना है
ज़माना है ही कातिल चिंगारी को आग करता है
भला इस दहकती हुई आग में पानी किसको लाना हैं
ये दुनिया खेल - ए - शतरंज है कोई खिलता बाग नहीं हसनैन
यहां हर एक शख्स को अपनी चाल चलने के लिए आना है
