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Hasnain Shakeel

Others

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Hasnain Shakeel

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तन्हा आए हैं तन्हा जाना है

तन्हा आए हैं तन्हा जाना है

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तन्हा आए हैं तन्हा जाना है 

आखिर इस दुनिया में किसको सताना है

कभी कभी सोचता हूं कि मोहब्बत कर लूँ

मगर फिर याद आता है कि मतलब का ज़माना है


बिना मतलब के यहां कोई किसी से बात नहीं करता

और आप दिल देने आए हैं?

छोड़िए दिल का समझाना है।


वो बैठे हैं तो पास हमारे 

मगर हमें फिर भी घर ही को जाना है 

वो देखते तो हैं हमें तिरछी नज़रों से 

मगर ये बात अलग है कि उन्हें खौफ - ए - ज़माना है


ज़माना है ही कातिल चिंगारी को आग करता है

भला इस दहकती हुई आग में पानी किसको लाना हैं

ये दुनिया खेल - ए - शतरंज है कोई खिलता बाग नहीं हसनैन

यहां हर एक शख्स को अपनी चाल चलने के लिए आना है


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