सुकून का आँचल
सुकून का आँचल
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माँ की गोदी मे सोने का का एहसास,
लगता है जैसे उसी मे है पूरा संसार।
माँ के हाथो से खाने का एहसास,
है जैसे हमे मेहसूस होती अपनी सास।
माँ के साथ बात करने का एहसास,
लगे जैसे है हमारे पास दोस्त का प्यार।
माँ की वो झप्पी का एहसास,
होता जैसे ढल गया सारा अंधकार।
माँ के सामने रोने का एहसास,
लगता जैसे खत्म हो जाएगा सारा भार।
माँ के सामने हार बताने का एहसास,
लगता जैसे सिर्फ उसे है हम मे विश्वास।
माँ के साथ का एहसास,
बना देता हमको खास।
क्यूंकि माँ का एहसास,
होता है सबसे खास।
