समय का मोल
समय का मोल
1 min
30
अंधेरे अकेले में जब कोई बीज
कुछ लम्हा अकेले बिताता है
तब जा कर सही समय में
वो वृक्ष का रूप ले पाता है
और जो खुली हवा पानी का लुत्फ उठाता है
अपने अहंकार के तले, अंदर छुपे असीम
वृक्ष के रूप को नहीं समझ पाता है,
बाद में वही नष्ट हो कर मिट्टी में मिल कर
अन्य के लिए खाद बन जाता है
जो समय रहते जान लेता अपना मोल
सह कर अंधकार और वो घुटन
छू रहा होता वो भी गगन
