STORYMIRROR

PARMAR PRAKASH

Others

3  

PARMAR PRAKASH

Others

सच्चा प्रेम

सच्चा प्रेम

1 min
146

प्रेम क्या लिखूं

इसके बारे लेखक छोटा हो या बड़ा या कोई कवि हो ऐसा 

कोई भी नहीं है

जिसने प्रेम के बारे में ना लिखा हो 

सब अपने मन के सागर में से प्रेम को देखते हैं

प्रेम कोई चीज नहीं है नई है कोई वस्तु 

जिसे प्राप्त किया जाए ऐसा मुझे लगता है

जहां समर्पण हो उसे प्रेम कहे सकते हैं 

जैसे एक माँ अपने आने वाले बच्चे के लिए 

जो अभी इस दुनिया में आया भी ना हो उसके लिए स्वेटर 

बनाती है 

जिस बच्चे को उसने देखा भी ना हो

उसे प्रेम कहते है    

#प्रेम #माँ



Rate this content
Log in