सावन
सावन
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आया रे आया रे सावन
लाया है पिया का संदेशा।
अंग अंग में बसे है पिया
रहे साथ लागे मनभावन।
ये सावन की बूंदें सबको
ये बुलाये भी है तुमको
फूलों सी ये बारिश सभी को
याद दिलाये सबको सावन।
देख भी सावन का नज़ारा
बनते हैं सबका सहारा
आस्तीनों को भी भिगाये
ये फूलो सा रिमझिम सावन।।
खोल अब सपनों का द्वार
टपके हियरा से लार
नाचे गाये हम दोनों
इस सावन के रिमझिम में।।
