STORYMIRROR

ANSHUL RANI

Others

3  

ANSHUL RANI

Others

रास्ता

रास्ता

1 min
1

चलते-चलते अब थक से गए हैं.
ना रास्ते का पता, ना मंजिल की खबर, 
बस यू ही कच्ची डगर पे चल दिए हैं।।
हमें क्या पता था, यू डोरी टूट सी जाएगी, 
जिससे सीढ़ी समझ ऊपर चढ़ने गए, वो रास्ते में यू धोखा दे जाएगी।।
जिन्दगी है,क्या करे,
ए मेरे साथी, ये जिन्दगी है क्या करे, 
मालूम नहीं, ये राह अब कहां ले जाएगी।।
चलने से यू डरते नहीं, पर फिर गिर के उठने की हिम्मत नहीं।।। 
थक गए अब चलते चलते, 
बस,
ना रास्ते का पता, ना मंजिल की खबर।।।


Rate this content
Log in