STORYMIRROR

Dr. Akansha Rupa chachra

Others

3  

Dr. Akansha Rupa chachra

Others

पायल

पायल

1 min
203

नारी की सौम्यता लगती सहज तभी

सोलह श्रृंगार करके मोहक छवि सजीली"

प्राण प्रिय, मेरी सुहासिनी 

कोमल, सुप्रिय

पायल की छन -छन से दिल को लुभाती हो

बिंदिया की चमक से मकान को शांति भवन 

बनाती हो।

पायल की छनकार घर में होने से 

मोहक शालीनता छलकती है।

संस्कारों में सिमटी गृहलक्ष्मी ।

मेरी प्राण प्रिय, अर्द्धांगिनी हो।

अन्नपूर्णा, शारदा सर्वगुण संस्कारी हो।

सिर ढक कर शर्माती जब पायल छनकाती हो।

मेरे घर आँगन को स्वर्ग समान बनाती हो 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन