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मिला है

मिला है

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यहाँ मौत ही ज़िन्दगी का सिला है

मगर मांगने पर ये किसको मिला है?

गरीबों तुम्हें प्यार का हक़ नहीं है!

बिना तेल के कौन दीपक जला है?

ये हिना जो हाथों में तेरे लगी है,

उसमें रंग मेरे लहू का मिला है!

बुझाने की कोशिश न करना ज़माने

किसी दिल में जो प्रेम का दीपक जला है!

तकाज़ा है ये वक़्त का की सवेरे

बुझा दें वो दीपक जो शब् भर जला है

ये माना की हम कुछ नहीं दे सके हैं!

मगर क्या जहां से "कमल" को मिला है?

 

 


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