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Arvind Sharma

Others

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Arvind Sharma

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मेरी माँ

मेरी माँ

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लाड़ से मुझको गले लगाए, घर पर आई मेरी माँ,

ईश्वर की प्यारी दुनिया में, मुझको लाई मेरी माँ।

दूर से कितनी प्यारी लगती, सपने बुनती मेरी माँ,

मेरी राह के काँटों को, आँखों से चुनती मेरी माँ।

सारे घर को चैन नींद की, देकर सोती मेरी माँ,

सभी बलाओं को निपटाने, आगे होती मेरी माँ।

वक्त ने बदले रिश्ते सारे, पर न बदली मेरी माँ,

ईश्वर शायद वैसा ही है, जैसी लगती मेरी माँ।

हर माँ का करना सम्मान, समझाती है मेरी माँ,

इससे बढ़कर पुण्य नहीं, बतलाती है मेरी माँ।

सभी धर्म में माँ है पहले, ध्यान धराती मेरी माँ,

सबकी माँ प्यारी होती है, मुझको प्यारी मेरी माँ।


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