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Kalpesh Kalpesh

Others

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Kalpesh Kalpesh

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मेनका

मेनका

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वैराग्य मेरे चित्त का

कस्तूरी इतिहास की, आज, फिर से बिखर गई,

तप, तेज़ सब निस्तेज़ कर, मेनका घर गई ।


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