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कुछ ढूंढ लाये

कुछ ढूंढ लाये

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चलो कुछ ढूंढ के लाते हैं 

थोड़ा सा वक्त

थोड़ी सी ख़ुशी 

और थोड़ी सी फुरसत 

थोड़ी अपने लिए 

थोड़ी अपनों के लिए 



थोड़ा सा आसमां

थोड़ी सी जमीन 

थोड़ा अपने लिए 

थोड़ा सपनों के लिए

थोड़ा सा बचपना 

थोड़ी सी शरारतें 

थोड़ी अपने लिए 

थोड़ा हंसने के लिए 



थोड़ी सी जान पहचान 

थोड़ा वो शौक महफ़िल का 

थोड़ा अपने लिए 

थोड़ा उन भूले बिसरे यारों के लिए

बहुत दूर निकल आये हैं 

जाने क्या ढूंढते-ढूंढते

चलो थोड़ा सा खुद को ढूंढ लाते हैं 

थोड़ा अपने लिए 

थोड़ा दिल के करीब रहने वालों के लिए

वो खुला आसमान तारों वाला 

वो रात चांदनी वाली 

खो गयी इन बंद कमरों मे कहीं 

ढूंढ लाते हैं 

थोड़ा अपने लिए 

थोड़ा उन तन्हा लम्बी रातों के लिए 

 

थोड़ा सा वो प्यार घर का 

थोड़े वो यार बचपन के 

थोड़ा अपने लिए 

थोड़ा उन हसीं यादों के लिए।


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