STORYMIRROR

Luxmi Gupta

Others

2  

Luxmi Gupta

Others

कुआँ

कुआँ

1 min
128

कुआँ क्या है ?

एक जीवन है 

जीवन में सब डूबे है

क्या डुबाऊं क्या निकालूं 

मन की शांति कैसे पाऊं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Luxmi Gupta

दरबार

दरबार

1 min पढ़ें

आंख

आंख

1 min पढ़ें

कुआँ

कुआँ

1 min पढ़ें

करेला

करेला

1 min पढ़ें

हवा

हवा

1 min पढ़ें