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Soubhagya Pattanaik

Children Stories

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Soubhagya Pattanaik

Children Stories

कॉलेज के वो दोस्त

कॉलेज के वो दोस्त

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दोस्ती, हाथो में हाथ थामे चलना,

हर खुशी हर गम को बांटना।

हवाओं में राज शेयर करना,

चुप रहकर भी सब समझ जाना।

हसन खेलना और कभी कभी लड़ना,

पर रिश्ते को हमेशा मजबूत बनाना।


दोस्ती वो उम्मीद की किरण है,

जो देती हर मुस्किल मैं सहारा है।

दोस्ती एक शब्द जो दिल को छू लेता है,

एक रिश्ता जो दुनिया से अलग बन जाता है।

रोने केलिए मजबूत कंधा खास,

एक सुनने वाला कान और मनाने वाली आवाज,

और क्या ही दूं दोस्ती की मिसाल।


कॉलेज के वो दिन, बाहर की खुली हवा

टीचर की याद और फिर उनका वो अनोखा प्यार।

क्या ही बताऊं यही है मेरे यार। 

कभी भाई मिला नहीं, पर मिले कुछ लोग जिंदगी में

अब क्या कहूं खुदा से कम नहीं है ये मेरे जिंदगी में। 

कभी कुछ गलत बोला हूं तो भूल जाना,

अपना समझ कर गले से लगा देगा।

प्यार और बिस्वास की जो मिसाल सीखा है यहां से कभी न भूलूंगा,

इस कॉलेज से बहुत कुछ लेके जाऊंगा।


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