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Kalu Singh Bhati

Children Stories Tragedy

4  

Kalu Singh Bhati

Children Stories Tragedy

कच्चे वादें

कच्चे वादें

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पढ़ने लिखने के बच्चे

करते हैं कच्चे वादे

एक नया फोन ला दो

हम आएंगे सबसे आगे

पापा जी खुश होकर के

महीनों की पगार गंवाते

फोन देखकर बच्चे भी

अब तो फूले ना समाते

पापा सालों साल कमाते

बच्चे रिचार्ज में उड़ाते

इंस्टा और फेसबुक चलाते

जाल संचार में फंसते जाते

अब धीरे-धीरे उनके भी 

बदलने लगे हैं इरादे

पढ़ाई को भूल भालकर

नई नई रील बनाते

टाईम बदल गया अब तो पापा

सर जी ऑनलाइन पढ़ाते

स्कूल जाकर क्या करूं मैं

अब घर पर ही हैं सब बाते

परीक्षा में हालात देखी

बेटा तुमसे हैं सब आगे

अब तो आंखे खुल गई मेरी

तू करता था कच्चे वादें

फोन को देख कर बेटा

बदले थे तेरे इरादे।


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