कैसे लिख दूं माँ
कैसे लिख दूं माँ
कैसे लिख दूं
माँ तू कितनी अच्छी है
माँ तू दिल की कितनी सच्ची है
तुझसे मेरा जीवन जन्नत है
डाँट मुझे, खुद आंख भर लेती है
कैसे लिख दूं
माँ तू कितनी अच्छी है
मेरे गम में तू मायूस हो जाती है
मेरी खुशी मे जो तू खुश हो जाती है
मेरी दूंखों मे बिन कहे जो साथ दे जाती है
कैसे लिख दूं
माँ तू कितनी अच्छी है
लिपट तेरी बाहों मे मिट जाती मेरी तन्हानी
कैसे लिख दूं
माँ तू कितनी अच्छी है
मुझे कभी धीरज न खोने देती है
अगर आए मुझे पर उलझन खुद आंख भर लेती है
कैसे लिख दूं
माँ तू कितनी अच्छी है।
