STORYMIRROR

Beenapani Seth

Others

2  

Beenapani Seth

Others

जान बूछ के विपदा मत बुलाओ

जान बूछ के विपदा मत बुलाओ

1 min
225

हरकते थे नादान भरी

मन मंदिर में शैतानियत थी भरी

एक दिन दोस्तों के सांग

बड़ी प्यारी मस्ती सूझी

रेल की पटरियों में करनी थी

दबंग कारनामें थोड़ी

हालातों से बेखबर

जोश में हुए मदहोश

एक एक करके कारनामें

पटरियों में हुए खामोश


अपनी जब बारी आयी

जोश से पटरी पे कूद पड़े

रेल के सामने आ खड़े

रोक ठोक किसी का ना माने

बिगड़े हुए को कौन समझाए

तकदीर की बेरहमी देखो

पटरी से हम निकल ना पाए

घबराहट में हुए बेहाल

जैसे भी करके निकलना

चाहते थे फिलहाल


जान बूझकर विपदा बुलाई

कुछ ना समझें

कस कर जोर लगाई

रब का शुक्र मनाओ

पटरी से निकल पाया

एक सिख जो मुझे मिली

जान बुझ कर विपदा बुलाओगे ते

पछताना पड़ेगा खाली पीली..



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन