होगी
होगी
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गलतियां भी होंगी
गालियां भी होंगी
गुस्सा भी होगा
फिर खुशियां भी होगीं,
मारपीट भी होगी
क्यों कि ये रिश्ते प्रकृति की देन हैं
सिक्के के दोनों तरफ एक जैसे
वक्त उसी का होता जो,
पलट कर ऊपर आता है।
