गीत - राखी है अनमोल
गीत - राखी है अनमोल
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सबसे प्यारा लगता रक्षाबंधन का त्योहार।
राखी लेकर आती बहनें हैं भाई के द्वार।
राखी में है बंधा हुआ सम्बन्धों का अहसास।
बंधा हुआ है दो हृदयों का इसमें ही विश्वास।
दुर्गावती भेजती जब - जब इसे हुमायूँ पास,
धागे में बंध कर आ जाता मुगलों का सरदार।
कभी द्रोपदी ने बाँधी थी कान्हा को ये डोर।
जिसके बदले दिया न चुकने कभी चीर का छोर।
अमर प्रेम की अमर निशानी रिश्तों की सौगात,
वक्त पड़े पर तिनके को भी कर देती तलवार।
यह कोई व्यापार नहीं है मत आँको तुम मोल।
नेह लुटा कर इसको लेलो राखी है अनमोल।
इसके बदले बहनें लेतीं रक्षा का वरदान,
भाई के प्रति यह बहनों का है अनुपम उपहार।
