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दस्तक

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दस्तक तेरे दिल के दरवाज़े पर

आज तो हमने दे ही दी

 देखे तेरे दिल में क्या है

 बस मेहमाननवाज़ी या फिर

 खुद में समेट लेने की चाहत?


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