दर्द
दर्द
1 min
340
दर्द क्या है
रिश्वत लेता पकड़ा गया
दिल में दर्द था और चेहरा,
हँसता हुआ पकड़ा गया
वक्त, ऐतबार और इज़्ज़त,
जो एक बार उड़ जाये
तो वापस नहीं आते
दरख्तों से रिश्तों का,
हुनर सीख लो मेरे दोस्त
जब जड़ों में ज़ख्म लगते हैं,
तो टहनियाँ भी सूख जाती हैं
कुछ रिश्ते हैं,
इसलिये चुप हैं
कुछ चुप हैं,
इसलिये रिश्ते हैं ।।
जब जब तुम्हारा हौसला,
आसमान में जायेगा
सावधान, तब तब कोई,
पंख काटने ज़रूर आयेगा
खामोशी
ना जाने कितने सवालों की,
आबरू तो रखती है..
