दोस्ती
दोस्ती
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दोस्त मिल गए हैं कई
ज़िन्दगानी के सफ़र में,
कभी बचपन की यादें
कभी जवानी के जोश में।
साथ छुटे भी पार रिश्ते नहीं
छोड कर यारों,
दोस्ती निभाते उमरभर,
ना छोड़ो तुम नैया बीच में।
चले हमकदम, हमराह इस
राह गुज़ार पर हरदम,
दोस्ती छोडो ना कभी चाहे
डूबे कश्ती झिल में।
