दिल अरमानो का....
दिल अरमानो का....
1 min
325
धुंधला सा चेहरा ख्वाहिशों का
रूठा सा मंज़र ख्वाबों का
हकीकत का नकाब ओढे
चलता मैं लेकर दिल अरमानो का
खुशियों के दामन से चुनता कांटे
ग़मो की बारीश में भिगोता आँखें
दर्द को सूकून बना
चलता मैं लेकर दिल अरमानो का
फिक्र को यादों से मिटा
ज़ख्मो पे वक्त का मरहम लगा
दिल के हजा़र टुकडे़ बटोरता
चलता मैं लेकर दिल अरमानो का
मुसकान में अपने दर्द छुपा
किसी रूठे के दिल में थोडी़ सी जगह बना
फिर मिलने की आस लिए
चलता मैं लेकर दिल अरमानो का
निगाहों से छलकती दुआँ
हथेली में उसके सारे ग़म उठा
उसे जिंदगी का ख्वाब दिए
चलता मैं लेकर दिल अरमानो का
