STORYMIRROR

Bholaram Sahu

Others Children

3  

Bholaram Sahu

Others Children

दातुन बेचने वाला

दातुन बेचने वाला

1 min
46

धन से निर्धन 

बेचारा, अभागा, गंवारा

पाठशाला की राह छोड़ 

पढ़ाई से नाता तोड़ 


खुरपा ले हाथ 

चला मित्रों के साथ 

काँटेदार वृक्ष में 

चढ़ पहुंचा किनारा 


जोरों से घबराया 

थोड़ा हौसला बढ़ाया 

छड़ी काट नीचे आया 

काँटे काट किनारा लगाया 


व्यवसाय को निकला 

नन्हीं कली 

सड़क, शहरों की गली 

कभी लौह पथ गामिनी 


चिल्लाता लो दातुन

दातौन ले लो 

कई आते, देख चले जाते 

कोई भाते, कई ताने सुनाते 


पर मरता क्या न करता 

स्वरोजगार है 

नौकरी को भटकने से अच्छा 

बचपन से व्यवसाय पर लगा बच्चा। 

              


Rate this content
Log in