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औरतें

औरतें

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पुरानी इमारतों सी जर्जर होती औरतें 
ऊपर से लिपि पुती अंदर से खोखली होती औरतें  
प्रेम की  तलाश में भटक कर बावरी होती औरतें 
जीवन सुख को तराजू में तौलकर सौदागर होती औरतें 
मासूमियत  को  दबा कर आक्रोशित होती औरतें  
निश्छल प्रेम के दाम पर छली जाती औरतें   
यकीनन दिल से जुड़ कर टूट जाती औरतें 
विशाल दुनिया को बेहद छोटी आँखों से देखती औरतें 
छोटे से सुख को पा कर मुस्कुरा देती औरतें 
बड़े से दुःख को लेकर जीती रहती ये औरतें 
कमजोर पुरुषों की बदौलत मजबूत होती औरतें 
औरतों के स्नेह पर अविश्वास जताती औरतें 
हम सभी के आस-पास घूमती ये औरतें।  
 
 
 
 


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