STORYMIRROR

Amit Mishra

Others

3  

Amit Mishra

Others

अग्निपरीक्षा

अग्निपरीक्षा

1 min
305

व्यर्थ बहाता क्यों है मानव

आँसू भी एक मोती है

जीवन पथ पर अग्निपरीक्षा

सबको देनी होती है


अवतारी भगवान या मानव

सब हैं  इसका ग्रास बने

राजा हो या प्रजा कोई

सब परिस्थिति के दास बने

पहले लंका फ़िर एक वन में

सीता  बैठी  रोती  है

जीवन पथ पर अग्निपरीक्षा

सबको देनी होती  है


त्रेता, द्वापर या हो कलयुग

कोई ना बच पाया है

सदियों से ये अग्निपरीक्षा

मानव देता आया है

प्रेम सिखाती राधा की

कान्हा से दूरी होती है

जीवन पथ पर अग्निपरीक्षा

सबको देनी होती है


जीवन है अनमोल तेरा

पर क्षणभंगुर ये काया है

दर्द, ख़ुशी या नफ़रत, चाहत

जीवित देह की माया है

पत्नी होकर यशोधरा भी

दूर बुद्ध से होती है

जीवन पथ पर अग्निपरीक्षा

सबको देनी होती है


वाणी में गुणवत्ता हो बस

संयम से हर काम करो

कर्म ही केवल ईश्वर पूजा

जीवन उसके नाम करो

सुख, दुःख के अनमोल क्षणों में

आँखें नम भी होती है

जीवन पथ पर अग्निपरीक्षा

सबको देनी होती है



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन