STORYMIRROR

आंसू

आंसू

1 min
562


ज़िंदगी में कितने भी आंसू मिले,


जो दु:ख के आंसू हो तो दिल में समा लेना,


दुनिया को मत दिखाना।


और सुख के आंसू हो तो बह जाने देना।





विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Meena Mangarolia

वक़्त

वक़्त

1 min पढ़ें

याद

याद

1 min पढ़ें

आंसू

आंसू

1 min पढ़ें

जोगन

जोगन

1 min पढ़ें

दोस्त

दोस्त

1 min पढ़ें