STORYMIRROR

Vanshika Garg

Others

3  

Vanshika Garg

Others

आखिर क्यों लिखती हो?

आखिर क्यों लिखती हो?

1 min
273

अक्सर लोग पूछा करते हैं

कि आखिर क्यों लिखती हो?

तो मैं उनसे अक्सर कहती हूँ


ख़ुशी भी बयान हो जाती है

नज़र भी नहीं लगती

दुःख बयान हो जाता है

और हँसी भी नहीं बनती


भावनाओं का कुछ ऐसा बवंडर

बस यूँ ही चुपके से ढल जाता है

बिना शोर मचाये

दिल का बोझ हल्का हो जाता है


लोगो से अच्छी दोस्त है

ये कहानियां मेरी

जिसमे किसी के दिल का हाल

बड़ी आसानी से बयान हो जाता है


ना ही ये पलट कर जवाब देती हैं

ना ही ये आपसे सवाल करती हैं

ये कुछ ऐसी दोस्त हैं

जो यूँ ही आपके सारे राज़

छुपा लेती हैं


तब मैं लोगो से पूछती हूँ

कि आखिर क्यों ना लिखूँ ?


Rate this content
Log in