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Pardeep Malhotra

Others

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Pardeep Malhotra

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आज का जवान

आज का जवान

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उठ जाग प्यारे सोण वाले, लै फड़ प्याला चाह।

पी के एसनूं फेर तूं, खुल के टट्टी जा।

कसर फेर वी रह जाए तां दो तिन सूटे ला।


पीजा पीजा कैंहदे कैंहदे, जांदे उहनूं खा

सूट सुनक्खे छडके, तू फटियां पैंटां पा।


मंदिर, मस्जिद दा भुल के वी, लवीं कदे न नां,

पर तूं बिन नागे दे, डिस्को क्लब विच जा।


रोटी, सब्जी माँ दे हत्थ दी, मुँह कदे न लावीं,

नूडल, पीज़ा, बर्गर, चाऊमीन, सुबह शाम तू खावीं।


दूध, दही ते लस्सी प्यारे, भुल्ल कदे न पीणा,

बियर, चिकन ते दारू शारू, एहनूं आखीं जीणा। 


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