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AJAY AMITABH SUMAN

Others

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AJAY AMITABH SUMAN

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आदतें

आदतें

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तुम आते ही रहो देर से,

हम रोज ही बताते है,

चलो चलो हम अपनी अपनी,

आदतें दुहराते हैं।


लेट लतीफी तुझे प्रियकर,

नहीं समय पर आते हो,

मैं राही हूँ सही समय का,

नाहक ही आजमाते हो।


मेरी इस कोशिश में कोई,

कसर नहीं बाकी होगा,

फ़िक्र नहीं कि तुझ पे कोई,

असर नहीं बाकी होगा।


देखो इन मुर्गो को ये,

 नित दिन ही सबको उठाते हैं,

मुर्दों पे कोई असर नहीं,

 फिर भी तो बांग सुनाते है।


मुर्गों का काम उठाना है, 

वो नित दिन बांग लगाएंगे,

मुर्दों पे कोई असर नहीं ,

जो जिंदे हैं जग जाएंगे।


जिसका जो स्वभाव निरंतर,

वो ही तो निभाते हैं,

चलो चलो हम अपनी अपनी,

आदतें दुहराते हैं।



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