वक़्त कहाँ है अपने लिए सोचने का कब दिन ढला कब रात आयी कब नींद से जागी कब नींद आयी वक़्त कहाँ है अपने लिए सोचने का कब दिन ढला कब रात आयी कब नींद से जागी कब नींद ...
कौन रंग हो एकता का, जो लाए फिर बहार रंगों की महफ़िल सजी,आया होली का त्योहार। कौन रंग हो एकता का, जो लाए फिर बहार रंगों की महफ़िल सजी,आया होली का त्योहार।
ये वीरों की धरती, जवानों का देश, ये फसलों की माला, किसानों का देश...! ये वीरों की धरती, जवानों का देश, ये फसलों की माला, किसानों का देश...!
वो थे हमारे, देश के नेता सुभाष, जो देते थे भारतीय, को लड़ाई की आवाज़। वो थे हमारे, देश के नेता सुभाष, जो देते थे भारतीय, को लड़ाई की आवाज़।
अपने देश की रक्षा करते चलो भारत माता की जय बोलते चलो! अपने देश की रक्षा करते चलो भारत माता की जय बोलते चलो!
यह है कहानी कच्छ की, जिसका गौरवशाली इतिहास है। यह है कहानी कच्छ की, जिसका गौरवशाली इतिहास है।