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किन्तु मैं मृत्यु. इंसान का मन कभी खुश नहीं रहता उसे job करना है घर नहीं रहना किन्तु जब वो job करता है तब उसे घर रहना है इसी मन की उदासी को समर्पित कविता।

Hindi किन्तु Poems