None
चौखट की शोभा कभी, युगांतर की प्रमाण भी चौखट की शोभा कभी, युगांतर की प्रमाण भी
हर सिलवट में सालों से संजोये हुए कुछ कुछ उसके प्यार जैसी। हर सिलवट में सालों से संजोये हुए कुछ कुछ उसके प्यार जैसी।
आंधी से संघर्ष कब तक हो, कभी तो फुहार सावन की बरसे। आंधी से संघर्ष कब तक हो, कभी तो फुहार सावन की बरसे।
माना समय प्रतिकूल है पर बस एक धारा ही तो है, माना समय प्रतिकूल है पर बस एक धारा ही तो है,
तुम पूछते रहे कि क्यों मैं हंसती रही, क्यों बिना हारे मुट्ठी भर प्यार सब में बांटती गई। तुम पूछते रहे कि क्यों मैं हंसती रही, क्यों बिना हारे मुट्ठी भर प्यार सब में बा...